कुंडली में इन 7 अशुभ योगों के कारण पति-पत्नी के बीच होते हैं झगड़े

कुंडली में इन 7 अशुभ योगों के कारण पति-पत्नी के बीच होते हैं झगड़े

कुंडली में इन 7 अशुभ योगों के कारण पति-पत्नी के बीच होते हैं झगड़े

पति-पत्नी के बीच छोटे-मोटे झगड़े होना बहुत आम बात है, लेकिन जब ये झगड़े बार-बार होने लगते हैं तो स्थिति और ज्यादा खराब होने लगती है। शादी में प्यार बनाए रखने के लिए पति-पत्नी के बीच तालमेल का होना बेहद जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली के ग्रह दोषों के कारण दाम्पत्य जीवन में अशांति हो सकती है। यहां जानिए, ज्योतिष के अनुसार कुंडली के कुछ ऐसे योग, जिससे वैवाहिक जीवन में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है...

1. शादी से पहले वर और वधू के नामों का मिलान किया जाता है। यदि इन गुणों के मेल में कोई दोष हो तो शयनकक्ष में झगड़े होते हैं। जैसे नाड़ी दोष, द्विवादश दोष, गण दोष और भकूट दोष तो विवाह के बाद अशांति की संभावना रहती है।

2. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष है और उसका मंगल दोष ठीक नहीं हुआ है, तो विवाह में अशांति होती है। मंगल व्यक्ति को अभिमानी और हठी बनाता है, जिससे तर्क-वितर्क अधिक होता है।

3. पति या पत्नी की किसी एक कुंडली में शुक्र नीच का हो या छठे या आठवें भाव में हो तो झगड़ों की संभावना रहती है।

4. यदि कुंडली के सप्तम भाव पर सूर्य, शनि, राहु, केतु और मंगल में से कोई एक या दो ग्रहों का प्रभाव हो तो यह योग पति-पत्नी के लिए अशुभ रहता है।

5. कुंडली में यदि गुरु अशुभ हो और सप्तम या सप्तम भाव को प्रभावित करता हो तो झगड़ों की संभावना रहती है।

6. कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी यदि छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो तो झगड़े अधिक होते हैं।

 

7. यदि पति या पत्नी की कुंडली में सप्तम भाव अशुभ ग्रहों से घिरा हो या सप्तम भाव का स्वामी अशुभ ग्रहों से घिरा हो तो वैवाहिक जीवन में शांति नहीं होती है।

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कर सकते हैं ये उपाय-

कुंडली के अशुभ ग्रहों के लिए ये उचित उपाय करने चाहिए।

1. भगवान शिव जी के साथ-साथ देवी पार्वती जी की भी पूजा करनी चाहिए और वैवाहिक जीवन में शांति बनाए रखने के लिए भी प्रार्थना करनी चाहिए।

2. ग्रह के लिए उपाय प्रत्येक गुरुवार को करना चाहिए। बृहस्पति ग्रह के लिए चने की दाल का दान करें। केले के पौधे की पूजा करें।

3. मंगल के लिए मंगलवार के दिन चावल की पूजा करनी चाहिए.

4. राहु-केतु के लिए पीपल की सात परिक्रमा करनी चाहिए।